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Pramod Ranjan deposited “साहित्य प्राय: उनका पक्ष लेता है जो हारे हुए हैं” : कवि अरुण कमल से प्रमोद रंजन की बातचीत on Humanities Commons 3 years, 5 months ago
हिंदी कवि अरूण कमल से प्रमेाद रंजन की यह बातचीत पटना से प्रकाशित जन विकल्प के प्रवेशांक (जनवरी, 2007) में प्रकाशित हुई थी। साक्षात्कार के लिए अरुण कमल को प्रश्न साैंप दिए गए थे, जिसका उन्होंने लिखित उत्तर दिया था।
इस साक्षात्कार में अरूण कमल ने जिन प्रश्नों के उत्तर दिए हैं, उनमें मुख्य निम्नांकित हैं :
1. आपको २०वीं सदी के एक महत्वपूर्ण क…[Read more]
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Pramod Ranjan deposited किन्नरों की अस्मिमा : पार्टनर आपकी पक्षधरता क्या है? in the group
Sociology on Humanities Commons 3 years, 5 months agoवर्ष 2007 में मधुर भंडारकर की फिल्म ‘ट्रैफिक सिग्नल’ आई थी। इस फिल्म में शहरों में हाशिए पर रहने वाली जिंदगियों का चित्रण था। फिल्म में छोटे-मोटे काम करने वाले, भीख मांग कर गुजारा करने वालों के साथ किन्नरों के त्रासद जीवन को भी दिखाया गया था। उस समय हिमाचल प्रदेश के कुछ लेखकों ने फिल्म में हिजड़ों को किन्नर कहने का का पुरजोर विरोध किया था। परिण…[Read more]
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Pramod Ranjan deposited किन्नरों की अस्मिमा : पार्टनर आपकी पक्षधरता क्या है? in the group
Gender Studies on Humanities Commons 3 years, 5 months agoवर्ष 2007 में मधुर भंडारकर की फिल्म ‘ट्रैफिक सिग्नल’ आई थी। इस फिल्म में शहरों में हाशिए पर रहने वाली जिंदगियों का चित्रण था। फिल्म में छोटे-मोटे काम करने वाले, भीख मांग कर गुजारा करने वालों के साथ किन्नरों के त्रासद जीवन को भी दिखाया गया था। उस समय हिमाचल प्रदेश के कुछ लेखकों ने फिल्म में हिजड़ों को किन्नर कहने का का पुरजोर विरोध किया था। परिण…[Read more]
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Pramod Ranjan deposited किन्नरों की अस्मिमा : पार्टनर आपकी पक्षधरता क्या है? in the group
Cultural Studies on Humanities Commons 3 years, 5 months agoवर्ष 2007 में मधुर भंडारकर की फिल्म ‘ट्रैफिक सिग्नल’ आई थी। इस फिल्म में शहरों में हाशिए पर रहने वाली जिंदगियों का चित्रण था। फिल्म में छोटे-मोटे काम करने वाले, भीख मांग कर गुजारा करने वालों के साथ किन्नरों के त्रासद जीवन को भी दिखाया गया था। उस समय हिमाचल प्रदेश के कुछ लेखकों ने फिल्म में हिजड़ों को किन्नर कहने का का पुरजोर विरोध किया था। परिण…[Read more]
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Pramod Ranjan deposited किन्नरों की अस्मिमा : पार्टनर आपकी पक्षधरता क्या है? in the group
Communication Studies on Humanities Commons 3 years, 5 months agoवर्ष 2007 में मधुर भंडारकर की फिल्म ‘ट्रैफिक सिग्नल’ आई थी। इस फिल्म में शहरों में हाशिए पर रहने वाली जिंदगियों का चित्रण था। फिल्म में छोटे-मोटे काम करने वाले, भीख मांग कर गुजारा करने वालों के साथ किन्नरों के त्रासद जीवन को भी दिखाया गया था। उस समय हिमाचल प्रदेश के कुछ लेखकों ने फिल्म में हिजड़ों को किन्नर कहने का का पुरजोर विरोध किया था। परिण…[Read more]
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Pramod Ranjan deposited किन्नरों की अस्मिमा : पार्टनर आपकी पक्षधरता क्या है? on Humanities Commons 3 years, 5 months ago
वर्ष 2007 में मधुर भंडारकर की फिल्म ‘ट्रैफिक सिग्नल’ आई थी। इस फिल्म में शहरों में हाशिए पर रहने वाली जिंदगियों का चित्रण था। फिल्म में छोटे-मोटे काम करने वाले, भीख मांग कर गुजारा करने वालों के साथ किन्नरों के त्रासद जीवन को भी दिखाया गया था। उस समय हिमाचल प्रदेश के कुछ लेखकों ने फिल्म में हिजड़ों को किन्नर कहने का का पुरजोर विरोध किया था। परिण…[Read more]
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Pramod Ranjan deposited उपभोक्तावाद और परिवार in the group
Sociology on Humanities Commons 3 years, 5 months agoइस लेख में उपभोक्तावाद के सकारात्मक और नकारात्मक पहलुओं की चर्चा की गई है। लेख में बताया गया है कि उपभोक्तावाद परिवार की सामंती संरचना को तोड़ता है, तथा आधुनिक मूल्यों की स्थापना करता है। लेकिन इसके अनेक नकारात्मक पहलु भी हैं। इसके कारण कम आय वर्ग के परिवारों में पारंपरिक मूल्यों के ध्वस्त होने के कारण कई ऐसी दर्दनाक घटनाएं होती है…[Read more]
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इस लेख में उपभोक्तावाद के सकारात्मक और नकारात्मक पहलुओं की चर्चा की गई है। लेख में बताया गया है कि उपभोक्तावाद परिवार की सामंती संरचना को तोड़ता है, तथा आधुनिक मूल्यों की स्थापना करता है। लेकिन इसके अनेक नकारात्मक पहलु भी हैं। इसके कारण कम आय वर्ग के परिवारों में पारंपरिक मूल्यों के ध्वस्त होने के कारण कई ऐसी दर्दनाक घटनाएं होती है…[Read more]
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Pramod Ranjan deposited Travelogue: Mahishasur in Mahoba in the group
Philosophy of Religion on Humanities Commons 3 years, 5 months agoThe scope of the traditions related to Mahishasur is vast. There is a memorial of him in Bundelkhand, preserved by the Archaelogical Survey of India. Khajuraho’s world-famous temples also have carvings of Mahishasur.
On 9 October 2014, the police had raided the office of Forward Press. Some people associated with Hindu organizations had a c…[Read more]
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Pramod Ranjan deposited Travelogue: Mahishasur in Mahoba in the group
History on Humanities Commons 3 years, 5 months agoThe scope of the traditions related to Mahishasur is vast. There is a memorial of him in Bundelkhand, preserved by the Archaelogical Survey of India. Khajuraho’s world-famous temples also have carvings of Mahishasur.
On 9 October 2014, the police had raided the office of Forward Press. Some people associated with Hindu organizations had a c…[Read more]
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Pramod Ranjan deposited Travelogue: Mahishasur in Mahoba in the group
Festivals, Rituals, Public Spectacles, and Popular Culture on Humanities Commons 3 years, 5 months agoThe scope of the traditions related to Mahishasur is vast. There is a memorial of him in Bundelkhand, preserved by the Archaelogical Survey of India. Khajuraho’s world-famous temples also have carvings of Mahishasur.
On 9 October 2014, the police had raided the office of Forward Press. Some people associated with Hindu organizations had a c…[Read more]
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Pramod Ranjan deposited Travelogue: Mahishasur in Mahoba in the group
Cultural Studies on Humanities Commons 3 years, 5 months agoThe scope of the traditions related to Mahishasur is vast. There is a memorial of him in Bundelkhand, preserved by the Archaelogical Survey of India. Khajuraho’s world-famous temples also have carvings of Mahishasur.
On 9 October 2014, the police had raided the office of Forward Press. Some people associated with Hindu organizations had a c…[Read more]
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Pramod Ranjan deposited Travelogue: Mahishasur in Mahoba on Humanities Commons 3 years, 5 months ago
The scope of the traditions related to Mahishasur is vast. There is a memorial of him in Bundelkhand, preserved by the Archaelogical Survey of India. Khajuraho’s world-famous temples also have carvings of Mahishasur.
On 9 October 2014, the police had raided the office of Forward Press. Some people associated with Hindu organizations had a c…[Read more]
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Pramod Ranjan deposited दोआबा : जारी है बहस in the group
Literary Journalism on Humanities Commons 3 years, 5 months agoयह पटना से प्रकाशित ‘दोआबा’ पत्रिका के प्रवेशांक की समीक्षा है। दोआबा के संपादक जाबिर हुसेन साहित्यकार के अतिरिक्त राजनेता और समाजकर्मी भी रहे हैं। वे लगभग एक दशक तक बिहार विधान परिषद के सभापति रहे।
दोआबा के समीक्षित अंक में 100 से अधिक रचानकारों की रचानाएं प्रकाशित हुईं थीं, जिनमें कंवल भारती, मधुकर सिंह,मनमोहन सरल, हृदयेश, प्रे…[Read more]
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Pramod Ranjan deposited दोआबा : जारी है बहस in the group
Book Reviewing on Humanities Commons 3 years, 5 months agoयह पटना से प्रकाशित ‘दोआबा’ पत्रिका के प्रवेशांक की समीक्षा है। दोआबा के संपादक जाबिर हुसेन साहित्यकार के अतिरिक्त राजनेता और समाजकर्मी भी रहे हैं। वे लगभग एक दशक तक बिहार विधान परिषद के सभापति रहे।
दोआबा के समीक्षित अंक में 100 से अधिक रचानकारों की रचानाएं प्रकाशित हुईं थीं, जिनमें कंवल भारती, मधुकर सिंह,मनमोहन सरल, हृदयेश, प्रे…[Read more]
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Pramod Ranjan deposited यात्रा वृतांत: महोबा में महिषासुर in the group
Religious Studies on Humanities Commons 3 years, 5 months agoयह बुंदेलखंड स्थित महोबा का यात्रा संस्मरण है।
इसमें लेखक पौराणिक मिथक महिषासुर से संबंधित स्थलों की खोज में निकलता है।
वर्ष 2011 में जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी के शोधार्थियों द्वारा महिषासुर को दलित, पिछड़े और आदिवासियों का पौरणिक नायक के रूप से प्रचारित किए जाने के बाद हंगामा खड़ा हो गया था। लेखक उस समय एक पत्रिका में प्रबंध-संपादक के रूप म…[Read more] -
Pramod Ranjan deposited यात्रा वृतांत: महोबा में महिषासुर in the group
History on Humanities Commons 3 years, 5 months agoयह बुंदेलखंड स्थित महोबा का यात्रा संस्मरण है।
इसमें लेखक पौराणिक मिथक महिषासुर से संबंधित स्थलों की खोज में निकलता है।
वर्ष 2011 में जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी के शोधार्थियों द्वारा महिषासुर को दलित, पिछड़े और आदिवासियों का पौरणिक नायक के रूप से प्रचारित किए जाने के बाद हंगामा खड़ा हो गया था। लेखक उस समय एक पत्रिका में प्रबंध-संपादक के रूप म…[Read more] -
Pramod Ranjan deposited यात्रा वृतांत: महोबा में महिषासुर in the group
Festivals, Rituals, Public Spectacles, and Popular Culture on Humanities Commons 3 years, 5 months agoयह बुंदेलखंड स्थित महोबा का यात्रा संस्मरण है।
इसमें लेखक पौराणिक मिथक महिषासुर से संबंधित स्थलों की खोज में निकलता है।
वर्ष 2011 में जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी के शोधार्थियों द्वारा महिषासुर को दलित, पिछड़े और आदिवासियों का पौरणिक नायक के रूप से प्रचारित किए जाने के बाद हंगामा खड़ा हो गया था। लेखक उस समय एक पत्रिका में प्रबंध-संपादक के रूप म…[Read more] -
Pramod Ranjan deposited यात्रा वृतांत: महोबा में महिषासुर in the group
Cultural Studies on Humanities Commons 3 years, 5 months agoयह बुंदेलखंड स्थित महोबा का यात्रा संस्मरण है।
इसमें लेखक पौराणिक मिथक महिषासुर से संबंधित स्थलों की खोज में निकलता है।
वर्ष 2011 में जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी के शोधार्थियों द्वारा महिषासुर को दलित, पिछड़े और आदिवासियों का पौरणिक नायक के रूप से प्रचारित किए जाने के बाद हंगामा खड़ा हो गया था। लेखक उस समय एक पत्रिका में प्रबंध-संपादक के रूप म…[Read more] -
Pramod Ranjan deposited यात्रा वृतांत: महोबा में महिषासुर on Humanities Commons 3 years, 5 months ago
यह बुंदेलखंड स्थित महोबा का यात्रा संस्मरण है।
इस यात्रा संस्मरण में लेख पौराणिक मिथक महिषासुर से संबंधित स्थलों की खोज में निकलता है। वर्ष 2011 में जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी के शोधार्थियों द्वारा महिषासुर को दलित, पिछड़े और आदिवासियों का पौरणिक नायक के रूप से प्रचारित किए जाने के बाद हंगामा खड़ा हो गया है। लेखक उस समय जिस पत्रिका में प्रबंध-…[Read more] - Load More