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Pramod Ranjan deposited तकनीकी बर्बरता के नए युग की शुरुआत है ऑनलाइन शिक्षा in the group
Education and Pedagogy on Humanities Commons 3 years, 2 months agoनावेल कोरोना वायरस के अनुपातहीन भय के खिलाफ आवाज़ उठाने वालों में इतालवी दार्शनिक जार्जो आगम्बेन सबसे प्रतिष्ठित आवाज हैं। उनकी बातों का विश्व के प्रमुख अकादमिशयनों ने संज्ञान लिया है, जिसके परिणामस्वरूप कथित ऑनलाइन-डिजिटल शिक्षा के के विरोध की सुगबुगाहट वैश्विक स्तर पर आरंभ हुई है।
यहां प्रस्तुत है, उनकी एक टिप्पणी…
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Pramod Ranjan deposited बहुजन साहित्य प्रगतिशील और दलित साहित्य का विस्तार है: प्रमोद रंजन in the group
Literary theory on Humanities Commons 3 years, 2 months ago-आज समाचार सेवा, पटना-
*बहुजन साहित्य प्रगतिशील और दलित साहित्य का विस्तार है*
*प्रमोद रंजन से बातचीत*प्रश्न: आपने बहुजन साहित्य की अवधारणा पर भी काम किया है। इस अवधारणा के बारे में कुछ बताएं।
प्रमोद रंजन: बहुजन साहित्य का अर्थ है– अभिजन के विपरीत बहुजन का साहित्य और उनकी वैचारिकी। प्रगतिशील- मार्क्सवादी विचारधारा में जो ‘जन’ है, ‘ब…[Read more]
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