-
Pramod Ranjan deposited हरियाणा की जाट राजनीति का डर in the group
Gender Studies on Humanities Commons 3 years ago21 मई 2012 को हरियाणा के भगाना (भगाणा) गांव में दबंग जाति के लोगों से विवाद के बाद दलित-पिछड़े परिवारों के 52 से ज्यादा परिवारों को अपना गांव छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा था। विवाद की शुरूआत शामलात जमीन पर कब्जा हटवाने को लेकर हुई थी। दबंग समुदाय ने उनका हुक्का पानी बंद कर दिया था। इस घटना के 2 साल बाद 23 मार्च 2014 को भगाना गांव की धानुक समुदाय की…[Read more]
-
Pramod Ranjan deposited यवन की परी (जन विकल्प कविता पुस्तिका) in the group
Gender Studies on Humanities Commons 3 years agoयह कविता पुस्तिका पटना से प्रकाशित मासिक पत्रिका ‘जन विकल्प’ के प्रवेशांक (जनवरी, 2007) के साथ नि:शुल्क वितरित की गई थी।
जन विकल्प का प्रकाशन पटना से जनवरी, 2007 से दिसंबर, 2007 तक हुआ।पत्रिका के संपादक प्रेमकुमार और प्रमोद रंजन थे।उपरोक्त इस कविता-पुस्तिका की भूमिका रति सक्सेना लिखी है, जो निम्नांकित है : “पेरिया परसिया, सेता…[Read more]
-
Pramod Ranjan deposited “बचपन की वे छवियां मुझे जीवन के जादू की ओर खींचती हैं” in the group
Literary theory on Humanities Commons 3 years agoहिंदी कथाकार राजकुमार राकेश और प्रमोद रंजन की यह लंबी बातचीत शिमला में जनवरी, 2003 में हुई थी, जिसे पटना से जाबिर हुसेन के संपादन में प्रकाशित पत्रिका दोआबा ने जून, 2007 अंक में प्रकाशित किया था। उसी वर्ष इसे इसे पटना के मंडल विचार प्रकाशन ने एक पुस्तिका के रूप में भी प्रकाशित किया था। इस बातचीत में जादूई यथार्थवाद, मार्क्सवाद, दलित व…[Read more]
-
Pramod Ranjan deposited पत्रकार नवल किशोर को मिली धमकियों से संबंधित तथ्य in the group
Political Philosophy & Theory on Humanities Commons 3 years agoजून, 2018 के पहले सप्ताह में फारवर्ड प्रेस के पत्रकार नवल किशोर कुमार फोन पर सैकडों लोगों ने जान से मारने की धमकियां दी थीं। उन्हें ये धमकियां रणवीर सेना के कुख्यात सुप्रीमो ब्रह्मेश्वर मुखिया के बारे में फेसबुक पोस्ट लिखने के कारण दी गईं थीं। फारवर्ड प्रेस के तत्कालीन प्रबंध संपादक प्रमोद रंजन का यह लेख उन धमकियों के संदर्भ में है।
-
Pramod Ranjan deposited Threats issued to Naval Kishore Kumar: Setting the record straight in the group
Political Philosophy & Theory on Humanities Commons 3 years agoForward Press is not a novice when it comes to getting threats. Our Hindi editor Naval Kishore Kumar, who is at the receiving end this time, is not only a journalist but also a sensitive poet. Brahmeshwar Mukhiya, on the other hand, is a synonym for terror and has shamed humanity.
-
Gabriela Méndez Cota deposited Feminismo del fin in the group
Gender Studies on Humanities Commons 3 years agoThis is a prologue to the Spanish translation of Joanna Zylinska’s The End of Man. A Feminist Counter-Apocalypse (2019).
- Load More