-
Pramod Ranjan deposited FORWARD Press and intellectual democracy on Humanities Commons 2 years, 11 months ago
This editorial has appeared in the last print issue of FORWARD Press, published from New Delhi. The article discusses the need for a democratic form of newsroom. Along with this, various dimensions of Dalit-Bahujan journalism have come to the fore.
The Forward Press magazine was bilingual (Hindi and English). The article uploaded here is also…[Read more]
-
Pramod Ranjan deposited महिषासुर: मिथक व परंपराएं in the group
Sociology on Humanities Commons 2 years, 11 months agoइक्कसवीं सदी के दूसरे दशक में भारत में महिषासुर आंदोलन द्विज संस्कृति के लिए चुनौती बनकर उभरा। इसके माध्यम से आदिवासियों, पिछड़ों और दलितों के एक बड़े हिस्से ने अपनी सांस्कृतिक दावेदारी पेश की।
लेकिन यह आंदोलन क्या है, इसकी जड़ें समाज में कहां तक फैली हैं, बहुजनों की सांस्कृतिक परंपरा में इसका क्या स्थान है, मौजूदा लोक-जीवन में महिषासुर क…[Read more]
-
Pramod Ranjan deposited महिषासुर: मिथक व परंपराएं in the group
Religious Studies on Humanities Commons 2 years, 11 months agoइक्कसवीं सदी के दूसरे दशक में भारत में महिषासुर आंदोलन द्विज संस्कृति के लिए चुनौती बनकर उभरा। इसके माध्यम से आदिवासियों, पिछड़ों और दलितों के एक बड़े हिस्से ने अपनी सांस्कृतिक दावेदारी पेश की।
लेकिन यह आंदोलन क्या है, इसकी जड़ें समाज में कहां तक फैली हैं, बहुजनों की सांस्कृतिक परंपरा में इसका क्या स्थान है, मौजूदा लोक-जीवन में महिषासुर क…[Read more]
-
Pramod Ranjan deposited महिषासुर: मिथक व परंपराएं in the group
Public Humanities on Humanities Commons 2 years, 11 months agoइक्कसवीं सदी के दूसरे दशक में भारत में महिषासुर आंदोलन द्विज संस्कृति के लिए चुनौती बनकर उभरा। इसके माध्यम से आदिवासियों, पिछड़ों और दलितों के एक बड़े हिस्से ने अपनी सांस्कृतिक दावेदारी पेश की।
लेकिन यह आंदोलन क्या है, इसकी जड़ें समाज में कहां तक फैली हैं, बहुजनों की सांस्कृतिक परंपरा में इसका क्या स्थान है, मौजूदा लोक-जीवन में महिषासुर क…[Read more]
-
Pramod Ranjan deposited महिषासुर: मिथक व परंपराएं in the group
Gender Studies on Humanities Commons 2 years, 11 months agoइक्कसवीं सदी के दूसरे दशक में भारत में महिषासुर आंदोलन द्विज संस्कृति के लिए चुनौती बनकर उभरा। इसके माध्यम से आदिवासियों, पिछड़ों और दलितों के एक बड़े हिस्से ने अपनी सांस्कृतिक दावेदारी पेश की।
लेकिन यह आंदोलन क्या है, इसकी जड़ें समाज में कहां तक फैली हैं, बहुजनों की सांस्कृतिक परंपरा में इसका क्या स्थान है, मौजूदा लोक-जीवन में महिषासुर क…[Read more]
-
Pramod Ranjan deposited महिषासुर: मिथक व परंपराएं in the group
Cultural Studies on Humanities Commons 2 years, 11 months agoइक्कसवीं सदी के दूसरे दशक में भारत में महिषासुर आंदोलन द्विज संस्कृति के लिए चुनौती बनकर उभरा। इसके माध्यम से आदिवासियों, पिछड़ों और दलितों के एक बड़े हिस्से ने अपनी सांस्कृतिक दावेदारी पेश की।
लेकिन यह आंदोलन क्या है, इसकी जड़ें समाज में कहां तक फैली हैं, बहुजनों की सांस्कृतिक परंपरा में इसका क्या स्थान है, मौजूदा लोक-जीवन में महिषासुर क…[Read more]
-
इक्कसवीं सदी के दूसरे दशक में भारत में महिषासुर आंदोलन द्विज संस्कृति के लिए चुनौती बनकर उभरा। इसके माध्यम से आदिवासियों, पिछड़ों और दलितों के एक बड़े हिस्से ने अपनी सांस्कृतिक दावेदारी पेश की।
लेकिन यह आंदोलन क्या है, इसकी जड़ें समाज में कहां तक फैली हैं, बहुजनों की सांस्कृतिक परंपरा में इसका क्या स्थान है, मौजूदा लोक-जीवन में महिषासुर क…[Read more]
-
Pramod Ranjan deposited महिषासुर से संबंधित परंपराओं और आंदोलन के निहितार्थ in the group
Religious Studies on Humanities Commons 2 years, 11 months agoमहिषासुर आंदोलन के इस कदर अचानक फैल जाने का एक बड़ा कारण था कि बहुजन समाज में इन परंपराओं की जड़ें बहुत गहरी रही हैं और इनका प्रसार उसके अवचेतन तक रहा है। इन समुदायों से आने वाले फुले, आंबेडकर, पेरियार समेत सभी चिंतकों ने असुर-संस्कृति की न सिर्फ विस्तृत गवेषणा की है, बल्कि अगर आप ध्यान से देखें तो पाएंगे कि यही उनकी वैचारिकी का प्रस्थान…[Read more]
-
Pramod Ranjan deposited महिषासुर से संबंधित परंपराओं और आंदोलन के निहितार्थ in the group
Public Humanities on Humanities Commons 2 years, 11 months agoमहिषासुर आंदोलन के इस कदर अचानक फैल जाने का एक बड़ा कारण था कि बहुजन समाज में इन परंपराओं की जड़ें बहुत गहरी रही हैं और इनका प्रसार उसके अवचेतन तक रहा है। इन समुदायों से आने वाले फुले, आंबेडकर, पेरियार समेत सभी चिंतकों ने असुर-संस्कृति की न सिर्फ विस्तृत गवेषणा की है, बल्कि अगर आप ध्यान से देखें तो पाएंगे कि यही उनकी वैचारिकी का प्रस्थान…[Read more]
-
Pramod Ranjan deposited महिषासुर से संबंधित परंपराओं और आंदोलन के निहितार्थ in the group
Gender Studies on Humanities Commons 2 years, 11 months agoमहिषासुर आंदोलन के इस कदर अचानक फैल जाने का एक बड़ा कारण था कि बहुजन समाज में इन परंपराओं की जड़ें बहुत गहरी रही हैं और इनका प्रसार उसके अवचेतन तक रहा है। इन समुदायों से आने वाले फुले, आंबेडकर, पेरियार समेत सभी चिंतकों ने असुर-संस्कृति की न सिर्फ विस्तृत गवेषणा की है, बल्कि अगर आप ध्यान से देखें तो पाएंगे कि यही उनकी वैचारिकी का प्रस्थान…[Read more]
-
Pramod Ranjan deposited महिषासुर से संबंधित परंपराओं और आंदोलन के निहितार्थ in the group
Feminist Humanities on Humanities Commons 2 years, 11 months agoमहिषासुर आंदोलन के इस कदर अचानक फैल जाने का एक बड़ा कारण था कि बहुजन समाज में इन परंपराओं की जड़ें बहुत गहरी रही हैं और इनका प्रसार उसके अवचेतन तक रहा है। इन समुदायों से आने वाले फुले, आंबेडकर, पेरियार समेत सभी चिंतकों ने असुर-संस्कृति की न सिर्फ विस्तृत गवेषणा की है, बल्कि अगर आप ध्यान से देखें तो पाएंगे कि यही उनकी वैचारिकी का प्रस्थान…[Read more]
-
Pramod Ranjan deposited महिषासुर से संबंधित परंपराओं और आंदोलन के निहितार्थ in the group
Cultural Studies on Humanities Commons 2 years, 11 months agoमहिषासुर आंदोलन के इस कदर अचानक फैल जाने का एक बड़ा कारण था कि बहुजन समाज में इन परंपराओं की जड़ें बहुत गहरी रही हैं और इनका प्रसार उसके अवचेतन तक रहा है। इन समुदायों से आने वाले फुले, आंबेडकर, पेरियार समेत सभी चिंतकों ने असुर-संस्कृति की न सिर्फ विस्तृत गवेषणा की है, बल्कि अगर आप ध्यान से देखें तो पाएंगे कि यही उनकी वैचारिकी का प्रस्थान…[Read more]
-
Pramod Ranjan deposited महिषासुर से संबंधित परंपराओं और आंदोलन के निहितार्थ on Humanities Commons 2 years, 11 months ago
महिषासुर आंदोलन के इस कदर अचानक फैल जाने का एक बड़ा कारण था कि बहुजन समाज में इन परंपराओं की जड़ें बहुत गहरी रही हैं और इनका प्रसार उसके अवचेतन तक रहा है। इन समुदायों से आने वाले फुले, आंबेडकर, पेरियार समेत सभी चिंतकों ने असुर-संस्कृति की न सिर्फ विस्तृत गवेषणा की है, बल्कि अगर आप ध्यान से देखें तो पाएंगे कि यही उनकी वैचारिकी का प्रस्थान…[Read more]
-
Pramod Ranjan deposited भिक्खु बोधानंद और बहुजन सांस्कृति आंदोलन on Humanities Commons 2 years, 11 months ago
यह “महिषासुर: एक जननायक” पुस्तक के दूसरे संस्करण में प्रकाशित भूमिका है। इस किताब का पहला संस्करण जून, 2016 में आया। यह अक्टूबर, 2016 में पुर्नमुद्रित हुई और नवंबर, 2017 में नए ISBN नंबर के साथ दूसरा संस्करण प्रकाशित हुआ। तब से अब तक यह पुस्तक कई बार पुनर्मुद्रित हो चुकी है। पहले संस्करण के कई लेख पहले पुनमुर्द्रण और दूसरे संस्करण में…[Read more]
-
Pramod Ranjan deposited Haryana’s Dalit Movement and Vedpal Tanwar in the group
Sociology on Humanities Commons 2 years, 11 months agoOn the night of April 21, 2010, the powerful Jat community at Mirchpur in Haryana’s Hisar district attacked a Dalit colony. A 70-year-old man and his handicapped daughter were burnt alive in this fire. After that, the Dalits of Mirchpur had to leave the village and run away.
Scholar and journalist Pramod Ranjan visited Mirchpur in July 2012. He…[Read more]
-
Pramod Ranjan deposited Haryana’s Dalit Movement and Vedpal Tanwar in the group
Scholarly Communication on Humanities Commons 2 years, 11 months agoOn the night of April 21, 2010, the powerful Jat community at Mirchpur in Haryana’s Hisar district attacked a Dalit colony. A 70-year-old man and his handicapped daughter were burnt alive in this fire. After that, the Dalits of Mirchpur had to leave the village and run away.
Scholar and journalist Pramod Ranjan visited Mirchpur in July 2012. He…[Read more]
-
Pramod Ranjan deposited Haryana’s Dalit Movement and Vedpal Tanwar in the group
Public Humanities on Humanities Commons 2 years, 11 months agoOn the night of April 21, 2010, the powerful Jat community at Mirchpur in Haryana’s Hisar district attacked a Dalit colony. A 70-year-old man and his handicapped daughter were burnt alive in this fire. After that, the Dalits of Mirchpur had to leave the village and run away.
Scholar and journalist Pramod Ranjan visited Mirchpur in July 2012. He…[Read more]
-
Pramod Ranjan deposited हरियाणा का दलित आंदोलन और वेदपाल तंवर in the group
Sociology on Humanities Commons 2 years, 11 months ago21 अप्रैल 2010 की रात को हरियाणा के हिसार जिला के मिर्चपुर में दबंग जाट समुदाय ने दलितों की बस्ती में लगा दी थी। इस अग्निकांड में 70 साल के बुर्जुग और उनकी अपंग बेटी जिंदा जला दिया गया था। उसके बाद मिर्चपुर के दलितों को गांव छोड़कर भागना पड़ा था।
अध्येता प्रमोद रंजन ने जुलाई, 2012 में मिर्चपुर का दौरा किया। वे जिला मुख्यालय हिसार में मिर…[Read more]
-
Pramod Ranjan deposited हरियाणा का दलित आंदोलन और वेदपाल तंवर in the group
Public Humanities on Humanities Commons 2 years, 11 months ago21 अप्रैल 2010 की रात को हरियाणा के हिसार जिला के मिर्चपुर में दबंग जाट समुदाय ने दलितों की बस्ती में लगा दी थी। इस अग्निकांड में 70 साल के बुर्जुग और उनकी अपंग बेटी जिंदा जला दिया गया था। उसके बाद मिर्चपुर के दलितों को गांव छोड़कर भागना पड़ा था।
अध्येता प्रमोद रंजन ने जुलाई, 2012 में मिर्चपुर का दौरा किया। वे जिला मुख्यालय हिसार में मिर…[Read more]
-
Pramod Ranjan deposited हरियाणा का दलित आंदोलन और वेदपाल तंवर in the group
Political Philosophy & Theory on Humanities Commons 2 years, 11 months ago21 अप्रैल 2010 की रात को हरियाणा के हिसार जिला के मिर्चपुर में दबंग जाट समुदाय ने दलितों की बस्ती में लगा दी थी। इस अग्निकांड में 70 साल के बुर्जुग और उनकी अपंग बेटी जिंदा जला दिया गया था। उसके बाद मिर्चपुर के दलितों को गांव छोड़कर भागना पड़ा था।
अध्येता प्रमोद रंजन ने जुलाई, 2012 में मिर्चपुर का दौरा किया। वे जिला मुख्यालय हिसार में मिर…[Read more]
- Load More