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Pramod Ranjan deposited बिहारी अस्मिता: शहीद बनाने का खेल in the group
General Education on Humanities Commons 2 years, 11 months ago 27 अक्टूबर, 2008 को एक बिहारी नवयुवक राहुल राज की मुंबई पुलिस ने हत्या कर दी थी। इसके बाद बिहार में युवाओं ने व्यापक आंदोलन किया था। कई जगहों पर तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएं हुईं थीं। कई दिनों तक राजधानी पटना ठप रही थी। इस संबंध में आरोप-प्रत्यारोप की लंबी राजनीति चली थी और राहुल राज को बिहारी अस्मिता के प्रतीक के रूप में देखा गया था। इस पूरे प्रसंग से राहुल राज की जाति का भी गहरा संबंध था। प्रमोद रंजन का यह लेख इस घटना के अनेक अनदेखे पहलुओं को सामने लाता है।