• ‘भारत के राजनेता’ शीर्षक शृंखला की यह किताब भारत में पसमांदा आन्दोलन के सूत्रधार तथा राज्यसभा सांसद ‘अली अनवर’ की संसदीय सहभागिता और संसद में सामाजिक-राजनीतिक मुद्दों पर उनकी पहलों पर केंद्रित है। संसद में विविध मसलों पर उनके वक्तव्यों, दर्ज भाषणों, हस्तक्षेपों, स्पेशल मेंशन तथा साक्षात्कार के माध्यम से उनके सरोकारों को समझने की गंभीर कोशिश यह किताब करती है।
    जाने-अनजाने मुस्लिम को एक मोनोलिथ, होमोजिनस रूप में लेना सही नहीं है। मुस्लिम भी हिंदू समाज की तरह ही जातियों, उपजातियों में बंटा हुआ है।