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Pramod Ranjan deposited विपाशा के कविता विशेषांक से गुजरते हुए on Humanities Commons 3 years, 2 months ago
यह हिमाचल प्रदेश के भाषा एवं संस्कृति विभाग की पत्रिका ‘विपाशा’ के वृहत्त कविता विशेषांक की समीक्षा है, जिसमें सूर्यकांत त्रिपाठी निराला, मुक्तिबोध, अज्ञेय, केदारनाथ सिंह, विजेंद्र, पवन करण, प्रदीप सैनी, लीलाधर जगुड़ी, नरेश सक्सेना, मंगलेश डबराल, पंकज सिंह, अनूप सेठी, कुलराजीव पंत आदि की कविताओं को रेखांकित किया गया है।