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Pramod Ranjan deposited सवर्ण आरक्षण, मोदी और मंदिर के मुद्दे को पलीता in the group
Communication Studies on Humanities Commons 3 years, 7 months agoसरकार ने सामन्य तबके, जिन्हें सामान्य तौर पर हम सवर्ण कहते हैं, उन्हें भी आरक्षण देने की घोषणा की है।
लेकिन, आरक्षण नामक काठ की हांडी में येन केन प्रकारेण कई बार राजनीति का पानी गर्म किया जा चुका है। अब यह व्यापक सरोकार वाला मुद्दा नहीं रह गया है। कम-से-कम महानगरों में तो नहीं। यह बूढ़े होते अधेड़ों को युवाओं की अपेक्षा अधिक अपील करता है। जबकि…[Read more]
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Pramod Ranjan deposited वैज्ञानिक सोच को झटका किया जाना चाहिए या हलाल? in the group
Communication Studies on Humanities Commons 3 years, 7 months agoपूर्वी दिल्ली नगर निगम ने 27 दिसंबर, 2018 को आदेश जारी किया कि उसके क्षेत्र में आने वाली, कच्चा और पका चिकन और मीट बेचने वाली सभी दुकानों और रेस्तरांओं को एक बोर्ड लगवाना होगा। जिस पर साफ और बड़े अक्षरों में लिखना हो कि यहां झटका मीट मिलता है या हलाल। नगर निगम पर भाजपा का कब्जा है।भाजपा का तर्क है कि “पूर्वी दिल्ली में बड़ी संख्या में हिंदू और सिख…[Read more]
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Pramod Ranjan deposited प्रोफेसर, क्या आप जानते हो कि नालंदा क्यों जलता रहा? in the group
Public Humanities on Humanities Commons 3 years, 7 months agoइस लेख में यूनिवर्सिटियों में सामाजिक न्याय की अवहेलना के कारण होने वाले नुकासान की चर्चा की गई है। लेख में कहा गया है कि प्राध्यापकों का मुख्य काम शिक्षण, यानी ज्ञान की व्याख्या करना है। ज्ञान का निर्माण एक सतत प्रक्रिया है, जो समाज में घटित होती है, यूनिवर्सिटियां भी इस प्रकिया का उतना ही अंग हैं, जितना किसी किस…[Read more]
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Pramod Ranjan deposited प्रोफेसर, क्या आप जानते हो कि नालंदा क्यों जलता रहा? in the group
Communication Studies on Humanities Commons 3 years, 7 months agoइस लेख में यूनिवर्सिटियों में सामाजिक न्याय की अवहेलना के कारण होने वाले नुकासान की चर्चा की गई है। लेख में कहा गया है कि प्राध्यापकों का मुख्य काम शिक्षण, यानी ज्ञान की व्याख्या करना है। ज्ञान का निर्माण एक सतत प्रक्रिया है, जो समाज में घटित होती है, यूनिवर्सिटियां भी इस प्रकिया का उतना ही अंग हैं, जितना किसी किस…[Read more]
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Pramod Ranjan deposited डॉग फाइटिंग : उन बच्चों की लाशों पर किन नवधनाढ्यों के दांतों के निशान थे? in the group
Public Humanities on Humanities Commons 3 years, 7 months agoइस लेख में भारत में चल रही डॉग फाइटिंग के दौरान होने वाली क्रूरता तथा इन कुत्तों द्वारा मनुष्यों को मार दिए जाने की घटनाओं के बारे में बताया गया है।
भारत में डॉग फाइट ‘पशुओं के प्रति क्रूरता रोकथाम अधिनियम,1960’ के तहत दंडनीय अपराध है। जिसके तहत जुर्माना और जेल का प्रावधान है। लेकिन हिसार के विभिन्न फार्म हाउसों में यह खेल सालों भर छुप-छुप कर…[Read more]
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Pramod Ranjan deposited डॉग फाइटिंग : उन बच्चों की लाशों पर किन नवधनाढ्यों के दांतों के निशान थे? in the group
Communication Studies on Humanities Commons 3 years, 7 months agoइस लेख में भारत में चल रही डॉग फाइटिंग के दौरान होने वाली क्रूरता तथा इन कुत्तों द्वारा मनुष्यों को मार दिए जाने की घटनाओं के बारे में बताया गया है।
भारत में डॉग फाइट ‘पशुओं के प्रति क्रूरता रोकथाम अधिनियम,1960’ के तहत दंडनीय अपराध है। जिसके तहत जुर्माना और जेल का प्रावधान है। लेकिन हिसार के विभिन्न फार्म हाउसों में यह खेल सालों भर छुप-छुप कर…[Read more]
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Pramod Ranjan deposited कोविड पश्चात दुनिया और बहुजन कार्यकर्ताओं की ज़िम्मेदारी in the group
Public Humanities on Humanities Commons 3 years, 7 months agoइस आलेख में मैंने यह देखने की कोशिश की है कि कोविड की रोकथाम के लिए उठाए गए अतिरेकपूर्ण कदमों के कारण दुनिया में क्या स्थितियाँ उत्पन्न होने वाली हैं। विशेष तौर पर सामाजिक वंचना झेल रहे मानव-समुदायों पर इसका क्या प्रभाव पड़ने वाला है। आलेख में भारत के उन शोषित समुदायों को केंद्र में रखा गया है, जो भारतीय आबादी का बहुसंख्यक हिस्सा…[Read more]
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Pramod Ranjan deposited कोविड पश्चात दुनिया और बहुजन कार्यकर्ताओं की ज़िम्मेदारी in the group
Communication Studies on Humanities Commons 3 years, 7 months agoइस आलेख में मैंने यह देखने की कोशिश की है कि कोविड की रोकथाम के लिए उठाए गए अतिरेकपूर्ण कदमों के कारण दुनिया में क्या स्थितियाँ उत्पन्न होने वाली हैं। विशेष तौर पर सामाजिक वंचना झेल रहे मानव-समुदायों पर इसका क्या प्रभाव पड़ने वाला है। आलेख में भारत के उन शोषित समुदायों को केंद्र में रखा गया है, जो भारतीय आबादी का बहुसंख्यक हिस्सा…[Read more]
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Dora Apel deposited The Auschwitz Memorial Museum and the Case of the Gypsy Portraits in the group
Public Humanities on Humanities Commons 3 years, 7 months agoA unique dispute over ownership rights to artwork in the case of the Auschwitz Memorial Museum vs. former camp prisoner Dinah Gottliebova Babbitt illuminates underlying moral questions about the Holocaust and post-Holocaust culture.
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Dora Apel deposited War Culture and the Contest of Images (Introduction) in the group
Public Humanities on Humanities Commons 3 years, 7 months agoWar Culture and the Contest of Images analyzes the relationships among contemporary war, documentary practices, and democratic ideals. Dora Apel examines a wide variety of images and cultural representations of war in the United States and the Middle East, including photography, performance art, video games, reenactment, and social media images.…[Read more]
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Dora Apel deposited Dislodged from History, Confronted by Walls: Picturing Migration as a Global Emergency in the group
Public Humanities on Humanities Commons 3 years, 7 months agoThis essay examines select visual representations of refugees and migrants as embodied subjects in photography, art, and video. It focuses on American asylum politics and explores the questions of free movement, the right to have rights, and the ethics and efficacy of border walls. I argue that the catastrophe of global forced displacement makes…[Read more]
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Pramod Ranjan deposited रणवीर सेना और बिहार के अखबार in the group
Communication Studies on Humanities Commons 3 years, 7 months agoरणवीर सेना के संस्थापक बरमेश्वर नाथ सिंह (ब्रह्मेश्वर सिंह) ऊर्फ मुखिया की तीसरी बरसी पर पटना में 1 जून, 2015 को आयोजित कार्यक्रम के संबंध में बिहार के मीडिया में प्रसारित समाचारों का विश्लेषण
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