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Pramod Ranjan deposited ज्ञान निर्माण की प्रक्रिया: विश्वविद्यालय बनाम पिछड़े क्षेत्र और समुदाय in the group
Place Studies on Humanities Commons 2 years, 9 months ago इस लेख में यूनिवर्सिटियों में सामाजिक न्याय की अवहेलना के कारण होने वाले नुकासान की चर्चा की गई है। लेख में कहा गया है कि प्राध्यापकों का मुख्य काम शिक्षण, यानी ज्ञान की व्याख्या करना है। ज्ञान का निर्माण एक सतत प्रक्रिया है, जो समाज में घटित होती है, यूनिवर्सिटियां भी इस प्रकिया का उतना ही अंग हैं, जितना किसी किसान का खलिहान, पशुपालक की गौशाला या लोहार की भट्ठी। ज्ञान का निर्माण मशीनी रूप से नहीं किया जा सकता। ज्ञान के निर्माण के नाम पर यूनिवर्सिटियां पुस्तकों और दस्तावेजों को पगुराने वाला नाद बन गईं।