• Pramod Ranjan deposited मीडिया और अन्ना का आंदोलन in the group Group logo of SociologySociology on Humanities Commons 2 years, 11 months ago

    यह लेख अप्रैल, 2011 के अंत में लिखा गया था। उस समय अन्ना हजारे भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन चरम पर था। इस लेख में इस आंदोलन के दलित-बहुजन विरोधी चरित्र को उजागर किया गया है।

    लेख में बताया गया है कि किन कारणों से कॉरपोरेट घराने इस आंदोलन के समर्थक थे और किस प्रकार इसके मूल में लोकतंत्र की अवमानना निहित थी।