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Pramod Ranjan deposited सोशल मीडिया, बिहार की सत्ता और निलंबन on Humanities Commons 2 years, 11 months ago
16 सितबर, 2011 को बिहार विधान परिषद् ने अपने दो कर्मचारियों- अरुण नारायण और मुसाफिर बैठा निलंबित कर दिया था। उन पर आरोप था कि उन्होंने परिषद् सभापति के निर्णय पर अपने एक फेसबुक पोस्ट में सवाल उठाया था। इससे पहले परिषद् ने अपने एक और कर्मचारी सैयद जावेद हुसेन को भी नौकरी से बर्खास्त कर दिया था।
यह टिप्प्णी इसी संदर्भ में है।