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Pramod Ranjan deposited महिषासुर मिथक व परंपराएं in the group
Sociology on Humanities Commons 3 years ago महिषासुर से संबंधित बहुजन समाज के मिथकों व परंपराओं , पौराणिक मिथकों और आधुनिक युग में गढे़ गए मिथकों के अर्थों को खोलने वाली इस पुस्तक का संपादक प्रमोद रंजन ने किया है। इस पुस्तक में पहली बार महिषासुर शहादत/स्मरण दिवस की विस्तृत सैद्धांतिकी भी प्रस्तुत की गई है तथा इस संबंध में उठने वालो सभी सवालों के उत्तर प्रस्तुत किये गये हैं। इस किताब के माध्यम से आदिम जनजाति के रूप में चिन्हित ‘असुर’ जनजाति का नृतत्वशास्त्रीय अध्यययन तथा उनकी मौजूदा मार्मिक स्थितियां भी सामने आईं है।
अनेक दुर्लभ चित्रों से सुसज्जित यह पुस्तक आदिवासी संस्कृति के अनन्य शोधकर्ता आचार्य मोतीरावण कंगाली व तिरूमाय चंद्रलेखा कंगाली को समर्पित है।