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Pramod Ranjan deposited समय से संवाद: जन विकल्प संचयिता in the group
Arts and Culture for Global Development on Humanities Commons 3 years ago ‘समय से संवाद: जनविकल्प संचयिता’ नाम यह पुस्तक हिंदी मासिक ‘जन विकल्प’ में प्रकाशित प्रतिनिधि सामग्री का संकलन है। प्रेमकुमार मणि और प्रमोद रंजन के संपादन में पटना से वर्ष 2007 में प्रकाशित इस पत्रिका की जनपक्षधरता, निष्पक्षता और मौलिक त्वरा ने समाजकर्मियों और बुद्धिजीवियों को गहराई से आलोड़ित किया था। इस पुस्तक में जिन लेखों और साक्षात्कारों को जगह दी गई है, उनके कथ्य चिरजीवी हैं।
धर्म, विज्ञान, भाषा, इतिहास और पुनर्जागरण पर केंदित सामग्री नए तथ्यों को एक कौंध की तरह इतने नए दृष्टिकोण के साथ पाठक के सामने रखती है कि अनेक मामलों में सोच का पारंपरिक ढांचा दरकने लगता है। इसमें शामिल अनेक लेख उन हाशियाकृत समाजों के सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक संघर्षों को शिद्दत से सामने लाने की कोशिश करते हैं, जिन्हें मौजूदा अस्मिता विमर्श में भी जगह नहीं मिल सकी है।
भारतीय पत्रकारिता के इतिहास का अध्ययन करने वालों के लिए तो यह एक आवश्यक संदर्भ ग्रंथ है ही, इक्कीसवीं सदी के आरंभ में जारी राजनीतिक, सामाजिक और बौधिक हलचलों को समझने के लिए भी उपयोगी है। इसमें शामिल अनेक लेख उन हाशियाकृत समाजों के सामाजिक, सांस्कृतिक, धार्मिक और राजनीतिक संघर्षों को शिद्दत से सामने लाने की कोशिश करते हैं, जिन्हें मौजूदा अस्मिता विमर्श में भी जगह नहीं मिल सकी है।