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Pramod Ranjan deposited ‘कला और साहित्य के केंद्र में जीवन होना चाहिए’ (प्रेमकुमार मणि से प्रमेाद रंजन की बातचीत) in the group
Literary Journalism on Humanities Commons 3 years, 1 month ago हिंदी साहित्यकार व चिंतक प्रेमकुमार मणि अपनी उत्कृष्ट कहानियों और वैचारिक लेखों के लिए जाने जाते हैं। उनके पांच कहानी-संकलन, एक उपन्यास और लेखों के कई संकलन प्रकाशित हैं। ‘अकथ कहानी’ शीर्षक से उनकी आत्मकथा शीघ्र प्रकाश्य है। इस बातचीत में प्रेमकुमार मणि के जीवन के कई पहलु पहली बार पाठकों के सामने आए हैं।