• यह हिमाचल प्रदेश के भाषा एवं संस्कृति विभाग की पत्रिका ‘विपाशा’ के वृहत्त कविता विशेषांक की समीक्षा है, जिसमें सूर्यकांत त्रिपाठी निराला, मुक्तिबोध, अज्ञेय, केदारनाथ सिंह, विजेंद्र, पवन करण, प्रदीप सैनी, लीलाधर जगुड़ी, नरेश सक्सेना, मंगलेश डबराल, पंकज सिंह, अनूप सेठी, कुलराजीव पंत आदि की कविताओं को रेखांकित किया गया है।