• मार्च, 2022 में एक अमेरिकी कॉलेज में 50 साल की सजा काट कर जेल से पेरोल पर छूटे ब्लैक पैंथर के सदस्य को भाषण देने के लिए बुलाया गया था। श्वेत-श्रेष्ठतावादियों ने कार्यक्रम का जोरदार विरोध किया, लेकिन कॉलेज ने कार्यक्रम रद्द करने से इंकार कर दिया। कालेज ने इस कार्यक्रम से कथित तौर अपनी भावनाएं आहत होने का आरोप लगाने वालों को मानसिक स्वास्थ केंद्र में जाने की सलाह दी। इस लेख में ब्लैक पैंथर तथा दलित पैंथर की समानताओं पर नजर डाली गई है तथा यह तलाशने की कोशिश की गई कि भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान किन कारणों से प्रतिगामी शक्तियों का प्रतिरोध करने में सक्षम नहीं हैं।