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Pramod Ranjan deposited कोविड-19: सांख्यिकी, विज्ञान और वैज्ञानिक चेतना in the group
Law, Technology and Society on Humanities Commons 3 years, 5 months ago कोविड महामारी से निपटने के लिए विज्ञान की भूमिका को सर्वोपरि बताया गया। लेकिन विज्ञान के नाम पर अनेक ऐसी चीजें भी हुईं, जिसने इस विभिषिका को निर्मित करने तथा इसे और भयावह बनाने में योगदान किया। इस दौरन सांख्यिकी के आंकड़ों को विज्ञान बनाकर प्रचारित किया गया तथा दुनिया के अधिकांश हिस्से को लॉकडाउन में धकेल दिया गया। ऐसे में सवाल यह उठता है कि विज्ञान महत्वपूर्ण है अथवा वैज्ञानिक चेतना? इस शोध आलेख में ऐसे कुछ तथ्यों और कार्रवाइयों को चिन्हित किया गया है, जो एक किस्म के अंधविश्वास थे, लेकिन जिन्हें इस दौरान विज्ञान के नाम पर प्रचलित किया गया। इस प्रकार विज्ञान को धार्मिक-कर्मकांड जैसा बनाने की एक प्रक्रिया चल पड़ी है, जिसमें कॉरपोरेशनों की बड़ी भूमिका है।
यह शोध-आलेख प्रस्तावित करता है कि विज्ञान द्वारा प्रस्तावित निदानों को लोकतांत्रिक दायरे में लाया जाना चाहिए।