• यह संपादकीय लेख नई दिल्ली से प्रकाशित फारवर्ड प्रेस के अंतिम प्रिंट अंक में प्रकाशित हुआ है। आलेख में न्यूज रूम के लोकतांत्रिक स्वरूप की आवश्यकता पर चर्चा है। साथ दलित-बहुजन पत्रकारिता के विभिन्न आयाम इसमें सामने आए हैं।